विजय कुमार बंसल मुख्य संपादक
कांवड़ मेला सकुशल संपन्न होने पर जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का किया सम्मान
कांवड़ मेला सकुशल संपन्न होने पर जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का किया सम्मान मां मनसा देवी चरण पादुका पर गूंजा शिवमहिमा का पावन संदेश, संतों ने श्रावण मास की महिमा से कराया श्रद्धालुओं को अभिभूतहरिद्वार, वरिष्ठ पत्रकार विजय कुमार बंसल। प्रसिद्ध तीर्थनगरी हरिद्वार में श्रावण मास के पावन अवसर पर आयोजित कांवड़ मेला सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने पर महाराज द्वारा प्रशासन एवं पुलिस व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अधिकारियों का सम्मान किया गया।
श्री निरंजनी अखाड़ा स्थित मां मनसा देवी चरण पादुका के पावन परिसर में आयोजित इस अवसर पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री महंत रविंद्र पुरी जी महाराज ने हरिद्वार के जिलाधिकारी श्री मयूर दीक्षित तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री नवनीत भुल्लर जी का सम्मान करते हुए कांवड़ मेले के सफल संचालन के लिए प्रशासन एवं पुलिस विभाग की सराहना की।
इस अवसर पर श्री महंत रविंद्र पुरी जी महाराज ने कहा कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना, आस्था, संयम और समर्पण का पवित्र पर्व है। भगवान शिव केवल देवाधिदेव ही नहीं, बल्कि संपूर्ण सृष्टि में व्याप्त चेतना और कल्याण के प्रतीक हैं। कांवड़ यात्रा भगवान शिव के प्रति करोड़ों शिवभक्तों की अटूट श्रद्धा, तपस्या और समर्पण का जीवंत स्वरूप है। उन्होंने कहा कि जब श्रद्धा के साथ सेवा, अनुशासन और सद्भाव जुड़ता है, तब कोई भी धार्मिक आयोजन भव्यता के साथ-साथ शांतिपूर्ण एवं सफल बनता है।
उन्होंने कहा कि हरिद्वार की पवित्र धरती पर आने वाला प्रत्येक शिवभक्त अतिथि ही नहीं, बल्कि भगवान शिव का स्वरूप है। उसकी सेवा करना और उसकी यात्रा को सुरक्षित एवं सुगम बनाना स्वयं भगवान भोलेनाथ की सेवा के समान है।
इस अवसर पर पंचायती श्री निरंजनी अखाड़े के सचिव श्री महंत राम रतन पुरी जी महाराज ने भी श्रावण मास की आध्यात्मिक महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रावण मास भगवान शिव की भक्ति में स्वयं को समर्पित करने का अवसर प्रदान करता है। शिव आराधना मनुष्य के भीतर शांति, संयम, करुणा और सद्भाव का संचार करती है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, त्याग, तपस्या और भाईचारे की अद्भुत यात्रा है।
उन्होंने कहा कि हरिद्वार में कांवड़ मेले के दौरान जिस प्रकार संत समाज, प्रशासन, पुलिस, सामाजिक संगठनों और स्थानीय जनता ने मिलकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया, वह आपसी समन्वय और सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है।
समारोह के दौरान संत-महात्माओं ने भगवान शिव का स्मरण करते हुए “हर हर महादेव” का जयघोष किया। संपूर्ण वातावरण शिवभक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा।संत समाज ने कांवड़ मेले को सकुशल संपन्न कराने में योगदान देने वाले सभी अधिकारियों, पुलिसकर्मियों, कर्मचारियों, स्वयंसेवकों, सामाजिक संस्थाओं एवं शिवभक्तों का आभार व्यक्त किया और भगवान भोलेनाथ से सभी के सुख, शांति एवं मंगलमय जीवन की कामना की
