श्री जगदीश स्वरूप आश्रम के वार्षिक अधिवेशन में संत महापुरुषों के श्री मुख से बही ज्ञान की सरिता
हरिद्वार, वरिष्ठ पत्रकार विजय कुमार बंसल। भूपतवाला स्थित प्रसिद्ध श्री जगदीश स्वरूप आश्रम में श्री जगदीश स्वरूप विद्यानंद ट्रस्ट, हरिद्वार के तत्वावधान में एक विशाल संत समागम एवं भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम अध्यक्ष एवं पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 स्वामी अमृतानंद जी महाराज के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर स्वामी अनंतानंद जी महाराज, श्री राम जी महाराज सहित अनेक संत-महापुरुषों की गरिमामयी उपस्थिति रही। वहीं प्रातः स्मरणीय श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर श्री करौली शंकर महाराज की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष आध्यात्मिक ऊँचाई प्रदान की।
संत समागम में हजारों संत, श्रद्धालु एवं भक्तजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान स्वामी अनंतानंद जी महाराज एवं श्री राम जी महाराज ने गुरु भक्ति, सदाचार, सेवा तथा ईश्वर के प्रति अटूट समर्पण पर प्रेरणादायी विचार व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु के चरणों में समर्पित जीवन ही आत्मकल्याण और लोकमंगल का सच्चा मार्ग है। उन्होंने सभी से धर्म, संस्कृति और मानवीय मूल्यों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।इस अवसर पर महामंडलेश्वर श्री करौली शंकर महाराज ने भी उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक जीवन का महत्व समझाते हुए आत्मज्ञान, साधना और ईश्वर भक्ति का संदेश दिया। श्रद्धालुओं के बीच उनके प्रति गहरी आस्था और श्रद्धा देखने को मिली। कार्यक्रम के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
